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पà¥à¤°à¤¸à¤µ पीड़ा (लेबर पेन) के 11 पà¥à¤°à¤®à¥à¤– लकà¥à¤·à¤£
महिलाओं के मन में लेबर पेन को लेकर कई तरह की शंकाà¤à¤‚ और सवाल होते हैं। खासकर, पहली बार गरà¥à¤à¤§à¤¾à¤°à¤£ करने वाली महिलाà¤à¤‚ पà¥à¤°à¤¸à¤µ के समय होने वाले दरà¥à¤¦ के बारे में सà¥à¤¨à¤•र बहà¥à¤¤ चिंतित हो जाती हैं। कई बार तो लेबर पेन से जà¥à¤¡à¤¼à¥€ सही जानकारी के अà¤à¤¾à¤µ में गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ महिलाà¤à¤‚ गंà¤à¥€à¤° रूप से मानसिक तनाव का शिकार हो जाती हैं। इस तनाव का मां और बचà¥à¤šà¥‡ दोनों की सेहत पर बà¥à¤°à¤¾ असर पड़ सकता है। इसलिà¤, मॉमजंकà¥à¤¶à¤¨ के इस लेख में हम लेबर पेन यानी पà¥à¤°à¤¸à¤µ पीड़ा से जà¥à¤¡à¤¼à¥€ तमाम बातों के बारे में विसà¥à¤¤à¤¾à¤° से बता रहे हैं।
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लेबर पेन कब शà¥à¤°à¥‚ होता है?
लेबर पेन का डिलीवरी की तारीख से सीधा संबंध होता है। डिलीवरी की तारीख का अंदाजा लगाने के लिठयह जानना जरूरी होता है कि गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ महिला का आखिरी मासिक धरà¥à¤® किस तारीख को शà¥à¤°à¥‚ हà¥à¤† था। इसके 40 सपà¥à¤¤à¤¾à¤¹ के बाद आने वाली तारीख को डिलीवरी की तारीख माना जाता है। डॉकà¥à¤Ÿà¤°à¥‹à¤‚ का मानना है कि गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ महिला को गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के 37वें सपà¥à¤¤à¤¾à¤¹ से लेकर 40वें सपà¥à¤¤à¤¾à¤¹ के बीच कà¤à¥€ à¤à¥€ लेबर पेन शà¥à¤°à¥‚ हो सकता है। अगर गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के 37वें सपà¥à¤¤à¤¾à¤¹ से पहले पà¥à¤°à¤¸à¤µ हो जाà¤, तो उसे पà¥à¤°à¥€-मैचà¥à¤¯à¥‹à¤° डिलीवरी या समय पूरà¥à¤µ पà¥à¤°à¤¸à¤µ कहा जाता है (1)।अगर गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के 40वें सपà¥à¤¤à¤¾à¤¹ के बाद à¤à¥€ डिलीवरी न हो, तो कृतà¥à¤°à¤¿à¤® तरीके से डिलीवरी करवाई जाती है। इस पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ को इंडà¥à¤¯à¥‚स लेबर (Induced labor) कहा जाता है (2)।
आगे आप डिलीवरी होने के लकà¥à¤·à¤£à¥‹à¤‚ के बारे में जानेंगे।
लेबर पेन शà¥à¤°à¥‚ होने के कà¥à¤¯à¤¾ लकà¥à¤·à¤£ होते हैं?
कà¤à¥€-कà¤à¥€ गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ महिलाà¤à¤‚ सामानà¥à¤¯ दरà¥à¤¦ और पà¥à¤°à¤¸à¤µ पीड़ा के बीच फरà¥à¤• नहीं कर पाती हैं। à¤à¤¸à¥‡ में उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ काफी देर से पता चलता है कि पà¥à¤°à¤¸à¤µ का समय नजदीक आ गया है। इसलिà¤, नीचे हम कà¥à¤› à¤à¤¸à¥‡ लकà¥à¤·à¤£à¥‹à¤‚ के बारे में बता रहे हैं, जिनकी मदद से लेबर पेन को आसानी से पहचाना जा सकता है :
1. शिशॠका नीचे की ओर आना : पà¥à¤°à¤¸à¤µ का समय नजदीक आने पर शिशॠगरà¥à¤ के बिलà¥à¤•à¥à¤² निचले हिसà¥à¤¸à¥‡ में मौजूद पेलà¥à¤µà¤¿à¤• कà¥à¤·à¥‡à¤¤à¥à¤° की ओर खिसकने लगता है। उसे सीने और पेट में हलà¥à¤•ापन महसूस हो सकता है (3)।
2. तेज संकà¥à¤šà¤¨ होना : संकà¥à¤šà¤¨ की गति का बढ़ना पà¥à¤°à¤¸à¤µ पीड़ा शà¥à¤°à¥‚ होने का सबसे बड़ा लकà¥à¤·à¤£ होता है। शà¥à¤°à¥à¤†à¤¤ में संकà¥à¤šà¤¨ की गति धीरे-धीरे बढ़ती है, लेकिन पà¥à¤°à¤¸à¤µ का समय नजदीक आने पर यह गति तेजी से बà¥à¤¤à¥€ है। गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ महिलाओं को à¤à¤• अलग तरह का संकà¥à¤šà¤¨ à¤à¥€ महसूस हो सकता है, जिसे पà¥à¤°à¥‹à¤¡à¥à¤°à¥‹à¤®à¤² लेबर कहा जाता है। आमतौर पर यह संकà¥à¤šà¤¨ कà¥à¤› ही समय के लिठहोता है और फिर ठीक हो जाते हैं। इसे फॉलà¥à¤¸ लेबर पेन कहा जाता है (4)।
3. गà¥à¤°à¥€à¤µà¤¾ में बदलाव : पà¥à¤°à¤¸à¤µ का समय नजदीक आने पर गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ महिला की गà¥à¤°à¥€à¤µà¤¾ पतली होकर फैलने लगती है। यह इस बात का संकेत होता है कि गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ महिला के गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ का निचला à¤à¤¾à¤— पà¥à¤°à¤¸à¤µ के लिठतैयार हो चà¥à¤•ा है। इसके अलावा, पà¥à¤°à¤¸à¤µ के दौरान गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ महिला की गà¥à¤°à¥€à¤µà¤¾ 10 सेंटीमीटर तक खà¥à¤² जाती है। इन दोनों लकà¥à¤·à¤£à¥‹à¤‚ के आधार पर लेबर पेन को पहचाना जा सकता है। धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ रहे कि गà¥à¤°à¥€à¤µà¤¾ के खà¥à¤²à¤¨à¥‡ की पà¥à¤·à¥à¤Ÿà¤¿ सिरà¥à¤« डॉकà¥à¤Ÿà¤° ही कर सकते हैं।
4. मà¥à¤¯à¥‚कस के साथ खून का आना : गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के पहले महीने में मà¥à¤¯à¥‚कस के साथ खून का आना पà¥à¤°à¤¸à¤µ पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ की शà¥à¤°à¥à¤†à¤¤ होने का लकà¥à¤·à¤£ हो सकता है। जब गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ गà¥à¤°à¥€à¤µà¤¾ पà¥à¤°à¤¸à¤µ के लिठतैयार होने के लिठपरिपकà¥à¤µ होना शà¥à¤°à¥‚ करती है, तो मà¥à¤¯à¥‚कस पà¥à¤²à¤— बाहर निकलने लगता है और इसके साथ रकà¥à¤¤ à¤à¥€ आ सकता है (5)।
5. गरà¥à¤ में मौजूद पानी की थैली का फटना : गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ महिला के गरà¥à¤ में à¤à¤®à¤¨à¤¿à¤¯à¥‹à¤Ÿà¤¿à¤• दà¥à¤°à¤µ से à¤à¤°à¥€ à¤à¤• थैली होती है। इस थैली को आम बोलचाल में ‘पानी की थैली’ à¤à¥€ कहा जाता है। पानी की थैली का फटना इस बात का संकेत होता है कि लेबर पेन शà¥à¤°à¥‚ होने वाला है। इसलिà¤, पानी की थैली के फटते ही डॉकà¥à¤Ÿà¤° से संपरà¥à¤• करना चाहिà¤à¥¤ डॉकà¥à¤Ÿà¤° आपसे इस दà¥à¤°à¤µ के रंग के बारे में पूछ सकते हैं। अगर शिशॠने गरà¥à¤ के अंदर ही अपना पहला मलतà¥à¤¯à¤¾à¤— कर दिया है, तो पानी का रंग हरा नजर आता है (6)।
6. बचà¥à¤šà¥‡ के आने की तैयारी में जà¥à¤Ÿ जाना : à¤à¤¸à¤¾ देखा गया है कि डिलीवरी का समय नजदीक आने पर गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ महिलाà¤à¤‚ बचà¥à¤šà¥‡ के आगमन से जà¥à¤¡à¤¼à¥€ तैयारियों को लेकर काफी सजग हो जाती हैं। अपनी नाजà¥à¤• शारीरिक सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ के बावजूद वे घर सजाने के काम में जà¥à¤Ÿ जाती हैं और बचà¥à¤šà¥‡ की जरूरत का सामान इकटà¥à¤ ा करने लगती हैं। मेडिकल साइंस à¤à¥€ डिलीवरी के समय के साथ इन संकेतों के संबंध को पà¥à¤°à¤®à¤¾à¤£à¤¿à¤¤ कर चà¥à¤•ा है। इसलिà¤, लेबर पेन शà¥à¤°à¥‚ होने के समय का अंदाजा इन संकेतों के आधार पर लगाया जा सकता है (7)।
7. à¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾à¤“ं में उतार-चढ़ाव होना : पà¥à¤°à¤¸à¤µ का समय नजदीक आने पर गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ महिलाà¤à¤‚ अचानक बहà¥à¤¤ à¤à¤¾à¤µà¥à¤• हो सकती हैं। उनका मूड लगातार बदल सकता है और उनके सà¥à¤µà¤à¤¾à¤µ में चिड़चिड़ापन आ सकता है। ये सारे लकà¥à¤·à¤£ शिशॠके जनà¥à¤® से पहले हारà¥à¤®à¥‹à¤¨ में बदलाव होने की वजह से नजर आते हैं। जब ये लकà¥à¤·à¤£ नजर आने लगें, तो समठलेना चाहिठकि पà¥à¤°à¤¸à¤µ और लेबर पेन शà¥à¤°à¥‚ होने का समय करीब आ गया है।
8. पेट खराब होना : डिलीवरी की तारीख नजदीक आने पर गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ महिला को पेट खराब रहने की शिकायत हो सकती है। दूसरे शबà¥à¤¦à¥‹à¤‚ में कहें, तो डिलीवरी से पहले गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ महिलाà¤à¤‚ कबà¥à¤œ या फिर डायरिया का शिकार हो सकती हैं।
9. बहà¥à¤¤ नींद आना : पà¥à¤°à¤¸à¤µ का समय पास आने पर गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ महिलाओं को बहà¥à¤¤ नींद आ सकती है। उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ कमजोरी à¤à¥€ महसूस हो सकती है। इस दौरान गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ महिलाà¤à¤‚ बार-बार सोने की कोशिश करती हैं, लेकिन बेचैनी के कारण उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ सोने में परेशानी होती है। ये पà¥à¤°à¤¸à¤µ के साथ-साथ लेबर पेन शà¥à¤°à¥‚ होने के समय के करीब आने का लकà¥à¤·à¤£ हो सकता है।
10. जोड़ों और मांसपेशियों में खिंचाव होना : डिलीवरी का समय नजदीक आने पर गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ महिला को अपनी मांसपेशियों और जोड़ों में खिंचाव महसूस हो सकता है। इसे पà¥à¤°à¤¸à¤µ और लेबर पेन शà¥à¤°à¥‚ होने के समय के पास आने का संकेत माना जा सकता है।
11. वजन का घटना या बढ़ना : डिलीवरी का समय नजदीक आने पर गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ महिला का वजन अचानक बढ़ या घट सकता है। à¤à¤¸à¤¾ होना बिलà¥à¤•à¥à¤² आम बात है और इससे बचà¥à¤šà¥‡ के वजन पर कोई फरà¥à¤• नहीं पड़ता है (8)। अगर वजन अचानक से बढ़ गया है और हाथ-पैरों में सूजन à¤à¥€ है, तो अपना बà¥à¤²à¤¡ पà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤° जरूर चेक कराà¤à¥¤
डॉकà¥à¤Ÿà¤° को कब कॉल करना चाहिà¤?
आमतौर पर डॉकà¥à¤Ÿà¤° इस बात की जानकारी गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ महिला को पहले ही दे देते हैं कि उसे पà¥à¤°à¤¸à¤µ पीड़ा महसूस होने पर कà¥à¤¯à¤¾ करना है। वहीं, अगर डिलीवरी की तारीख नजदीक हो और गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ महिला को नीचे दिठगठलकà¥à¤·à¤£à¥‹à¤‚ में से कोई à¤à¥€ नजर आà¤, तो उसे तà¥à¤°à¤‚त डॉकà¥à¤Ÿà¤° से संपरà¥à¤• करने की सलाह दी जाती है :
हलà¥à¤•े लाल रंग का रकà¥à¤¤à¤¸à¥à¤°à¤¾à¤µ या सà¥à¤ªà¥‰à¤Ÿà¤¿à¤‚ग होना।
गरà¥à¤ में मौजूद पानी की थैली का फटना।
तेज सिर दरà¥à¤¦ होना, धà¥à¤‚धला दिखना, पेट के ऊपरी हिसà¥à¤¸à¥‡ में दरà¥à¤¦ होना, शरीर में सूजन आना।
गरà¥à¤ में शिशॠकी हलचल का कम हो जाना।
पीठमें दरà¥à¤¦ होना।
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के 37वें सपà¥à¤¤à¤¾à¤¹ से पहले संकà¥à¤šà¤¨ महसूस होना (9)।
लेबर पेन के दौरान कà¥à¤¯à¤¾ करना चाहिà¤?
अगर गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ महिला को घर में ही लेबर पेन शà¥à¤°à¥‚ हो गया है, तो उसे बिलà¥à¤•à¥à¤² à¤à¥€ घबराना नहीं चाहिà¤à¥¤ उसे संयम बरतते हà¥à¤ नीचे दी गई बातों का खà¥à¤¯à¤¾à¤² रखना चाहिठ:
गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ महिला को खà¥à¤¦ को हाइडà¥à¤°à¥‡à¤Ÿ रखना चाहिà¤à¥¤ इसके लिठउनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ खूब पानी या जूस पीना चाहिà¤à¥¤ इससे पà¥à¤°à¤¸à¤µ पीड़ा को सहन करने में मदद मिलती है। इस दौरान आप थोड़ा चल-फिर à¤à¥€ सकते हैं।
लेबर पेन शà¥à¤°à¥‚ होने पर गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ महिला को करवट से लेटकर धीरे-धीरे सामानà¥à¤¯ रूप से सांस लेने की कोशिश करनी चाहिà¤à¥¤
अगर गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ महिला घर में अकेली हो, तो उसे लेबर पेन शà¥à¤°à¥‚ होने पर अपने परिजनों को बà¥à¤²à¤¾ लेना चाहिà¤à¥¤
लेबर पेन शà¥à¤°à¥‚ होते ही गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ महिला को दूसरों की मदद से असà¥à¤ªà¤¤à¤¾à¤² जाने की तैयारी शà¥à¤°à¥‚ कर देनी चाहिà¤à¥¤
लेबर पेन की वजह से गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ महिला को जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ तनाव नहीं लेना चाहिठऔर खà¥à¤¦ को शांत रखना चाहिà¤à¥¤
लेबर पेन के बारे में और जानने के लिठपढ़ते रहें यह लेख।
अगर संकà¥à¤šà¤¨ शà¥à¤°à¥‚ हà¥à¤ बिना पानी की थैली फट जाà¤, तो कà¥à¤¯à¤¾ होता है?
à¤à¤¸à¤¾ होने पर डॉकà¥à¤Ÿà¤° कृतà¥à¤°à¤¿à¤® लेबर यानी इंडà¥à¤¯à¥‚स लेबर के जरिठडिलीवरी करवा सकते हैं। दरअसल, à¤à¤®à¤¨à¤¿à¤¯à¥‹à¤Ÿà¤¿à¤• दà¥à¤°à¤µ के निकल जाने से शिशॠको गà¥à¤°à¥à¤ª-बी सà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‡à¤ªà¥à¤Ÿà¥‹à¤•ोकस या किसी अनà¥à¤¯ पà¥à¤°à¤•ार के संकà¥à¤°à¤®à¤£ का खतरा हो सकता है। इससे बचने के लिठही डॉकà¥à¤Ÿà¤° कृतà¥à¤°à¤¿à¤® लेबर का सहारा लेते हैं (10) (11)। इसलिà¤, अगर आपको दरà¥à¤¦ नहीं है, तो à¤à¥€ असà¥à¤ªà¤¤à¤¾à¤² चले जाना चाहिà¤à¥¤
अकà¥à¤¸à¤° पूछे जाने वाले सवाल
असली और नकली लेबर पेन में कà¥à¤¯à¤¾ अंतर होता है?
कà¤à¥€-कà¤à¥€ असली और नकली लेबर पेन में फरà¥à¤• करना मà¥à¤¶à¥à¤•िल हो जाता है। इसलिà¤, नीचे हम कà¥à¤› à¤à¤¸à¥‡ तथà¥à¤¯à¥‹à¤‚ के बारे में बता रहे हैं, जिनकी सहायता से असली और नकली लेबर पेन को आसानी से पहचाना जा सकता है :
असली लेबर पेन नकली लेबर पेन (बà¥à¤°à¥ˆà¤•à¥à¤¸à¤Ÿà¤¨ हिकà¥à¤¸)
यह दरà¥à¤¦ गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के 37वें सपà¥à¤¤à¤¾à¤¹ के बाद से शà¥à¤°à¥‚ होता है, लेकिन यह पà¥à¤°à¥€à¤®à¥ˆà¤šà¥à¤¯à¥‹à¤° लेबर पेन à¤à¥€ हो सकता है। यह दरà¥à¤¦ गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ की दूसरी तिमाही में धीरे-धीरे शà¥à¤°à¥‚ होता है और तीसरी तिमाही आते-आते बढ़ने लगता है।
यह दरà¥à¤¦ पीठके पिछले हिसà¥à¤¸à¥‡ से शà¥à¤°à¥‚ होकर आगे की ओर बढ़ता है। इस दरà¥à¤¦ के होने पर पेट सखà¥à¤¤ हो जाता है।
इस दरà¥à¤¦ के दौरान पानी की थैली फट सकती है। इस दरà¥à¤¦ का पानी की थैली पर कोई असर नहीं पड़ता है।
डिलीवरी के बाद ही यह दरà¥à¤¦ रà¥à¤• सकता है। यह बीच-बीच में ठीक à¤à¥€ होते रहते हैं।
लेबर पेन से पहले तनाव का सामना कैसे करें?
लेबर पेन के बारे में जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ सोचने से तनाव हो सकता है। खासतौर से à¤à¤¸à¥€ महिलाओं के तनावगà¥à¤°à¤¸à¥à¤¤ होने का खतरा जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ रहता है, जो पहली बार मां बनने जा रही हैं। जरूरत से जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ तनाव मां और बचà¥à¤šà¥‡ दोनों की सेहत पर बà¥à¤°à¤¾ असर डाल सकता है। à¤à¤¸à¥‡ में जरूरी है कि गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ महिला खà¥à¤¦ को डिलीवरी के लिठमानसिक और शारीरिक तौर पर पहले से तैयार करे। नीचे हम कà¥à¤› à¤à¤¸à¥‡ टिपà¥à¤¸ बता रहे हैं, जो डिलीवरी से पहले गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ महिला को लेबर पेन सहने के लिठतैयार करने में मदद कर सकते हैं :
गरà¥à¤à¤§à¤¾à¤°à¤£ करने के बाद गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ महिला को धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ लगाने (मेडिटेशन करने) का अà¤à¥à¤¯à¤¾à¤¸ करना चाहिà¤à¥¤
गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ महिला को खà¥à¤¦ को शांत रखकर सामानà¥à¤¯ रूप से सांस लेने का अà¤à¥à¤¯à¤¾à¤¸ करना चाहिà¤à¥¤ पà¥à¤°à¤¾à¤£à¤¾à¤¯à¤¾à¤® और अनà¥à¤²à¥‹à¤®-विलाेम का अà¤à¥à¤¯à¤¾à¤¸ करें।
शरीर के सà¤à¥€ अंगों को आराम देने के लिठगरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ महिला को नियमित रूप से अपने शरीर की मालिश करवानी चाहिà¤à¥¤
गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ महिला को नकारातà¥à¤®à¤• विचारों से दूरी बनानी चाहिठऔर हमेशा सकारातà¥à¤®à¤• बातें सोचने की आदत डालनी चाहिà¤à¥¤ à¤à¤¸à¤¾ करने से उसे खà¥à¤¦ को पà¥à¤°à¤¸à¤µ के लिठमानसिक रूप से तैयार करने में मदद मिल सकती है।
बेशक पà¥à¤°à¤¸à¤µ à¤à¤• दरà¥à¤¦ à¤à¤°à¥€ पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ है, लेकिन गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ महिला को इसे मां बनने के सà¥à¤– के साथ जोड़कर देखना चाहिà¤à¥¤ अपना नजरिया बदल कर गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ महिला पà¥à¤°à¤¸à¤µ पीड़ा के डर को पूरी तरह खतà¥à¤® कर सकती है।
कà¥à¤¯à¤¾ à¤à¥‚ख न लगना लेबर पेन शà¥à¤°à¥‚ होने का संकेत होता है?
हां, लेबर पेन की शà¥à¤°à¥à¤†à¤¤ से पहले गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ महिला के शरीर में होने वाले बदलावों की वजह से उसकी ऊरà¥à¤œà¤¾ खतà¥à¤® हो जाती है और उसे कम à¤à¥‚ख लगती है। इस दौरान à¤à¥‹à¤œà¤¨ के पà¥à¤°à¤¤à¤¿ अरà¥à¤šà¤¿ होना बहà¥à¤¤ आम बात है। à¤à¤¸à¥‡ में शरीर में ऊरà¥à¤œà¤¾ के सही सà¥à¤¤à¤° को बनाठरखने के लिà¤, आसानी से पचने वाली खान-पान की चीजें खाने की सलाह दी जाती है (12)।
कà¥à¤¯à¤¾ सिर दरà¥à¤¦ और जी मिचलाना लेबर पेन शà¥à¤°à¥‚ होने का संकेत है?
पà¥à¤°à¤¸à¤µ के à¤à¤• या दो दिन पहले सिरदरà¥à¤¦ होना और मितली आना सामानà¥à¤¯ बात है। इस समय गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ महिला खà¥à¤¦ को असà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ महसूस कर सकती है। अगर सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ गंà¤à¥€à¤° हो, तो तà¥à¤°à¤‚त डॉकà¥à¤Ÿà¤° से संपरà¥à¤• करने की सलाह दी जाती है (13)। धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ रहे कि सिरदरà¥à¤¦ रकà¥à¤¤à¤šà¤¾à¤ª बढ़ने के कारण à¤à¥€ हो सकता है।
कà¥à¤¯à¤¾ लेबर पेन से पहले शरीर का तापमान बढ़ जाता है?
हां, पà¥à¤°à¤¸à¤µ का समय नजदीक आने पर गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ महिला के शरीर का तापमान à¤à¤• डिगà¥à¤°à¥€ या उससे जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ बढ़ सकता है (14)।
कà¥à¤¯à¤¾ योनि पर दबाव पड़ना लेबर पेन शà¥à¤°à¥‚ होने का लकà¥à¤·à¤£ है?
हां, यानि पर दबाव पड़ना लेबर पेन शà¥à¤°à¥‚ होने का संकेत हो सकता है। दरअसल, पà¥à¤°à¤¸à¤µ से ठीक पहले शिशॠखिसक कर योनि के पास चला आता है। इस कारण गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ महिला को याेनि के ऊपर दबाव महसूस हो सकता है।
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